Monday, 11 August 2014

Rastria khel

कित् कित् कित् कित्

कित् कित् कित् कित्

पकड़ो-पकड़ो  दौड़ो-दौड़ो

वह देखो

वह तुम्हारी रोटी का पेड़

अपने बगीचे मे लगा रहा है

पकड़ो-पकड़ो दौड़ो-दौड़ो 

वह देखो


वह तुम्हारे पैरों तले की

जमीन हटा रहा है


कित् कित् कित् कित्

पकड़ो- पकड़ो दौड़ो-दौड़ो

वह देखो

वह तुम्हे झूठे सपनों से

बहला रहा है

पकड़ो-पकड़ो दौड़ो-दौड़ो

वह देखो

वह तुम्हे ठन्डे दरिया में

नहला रहा है


कित्-कित् कित्-कित्

पकड़ो-पकड़ो  दौड़ो-दौड़ो

वह देखो 

तुम्हारा ही एक भाई 

चकमा खा रहा है

दौड़ो-दौड़ो वह देखो

बेबात ही तुम्हे

आपस में लड़ा रहा है

पकड़ो-पकड़ो

भाग न पाए वह देखो

तुम्हारे ही कंधों पर पैर रख 

वह सीढ़ियां चढ़ता जा रहा है


पकड़ो-पकड़ो   दौड़ो-दौड़ो

बार-बार गलती ना करना

भाग न जाये वह देखो

कित्-कित् वह देखो


१९७९ में बनी

राष्ट्रिय खेल

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